डॉ श्यामाप्रसाद







आज डॉ श्यामाप्रसाद मुखेर्जी का ६० वां शहीद दिवस है, भारत गौरव भारत केशरी श्यामाप्रसाद जी का जन्म ६ जुलाई १९०१ में कलकत्ता में हुआ था, उनके पिता आशुतोष मुखेर्जी विख्यात राष्ट्रिय नेता थे, अतः राष्ट्र भक्ति उन्हें विरासत में मिली थी, १९३४ में वे कलकत्ता यूनिवर्सिटी के कुलपति बने सबसे कम उम्र में कुलपति बनने  का यह रिकॉर्ड आज भी है, उनके काल में विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओँ को विशेष स्थान मिला, जब भारतीय कांग्रेस ने मुस्लिम लीग से समझौता किया तो उन्हें सक्रीय राजनीती में आना पड़ा, १९३७ के स्थानीय चुनाव में गैर कांग्रेसी पार्टी बना कर वे बंगाल के वित्त मंत्री बने, १९३९ में वीर सावरकर की हिन्दू महासभा से प्रभवित हो वे कार्यकारी अध्यक्ष बने, जब बटवारा हो रहा था तब सम्पूर्ण बंगाल एवं सम्पूर्ण पंजाब पाकिस्तान को देने की बात चली, इन्होने पहल कर जद्दोजहद कर हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र को अलग कर भारत में लिया | आज़ादी के पश्चात् पहली अंतरिम सरकार  में वे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बनाये गए , इस कार्यकाल में सिंदरी खाद कारखाना, चितरंजन लोको, हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट जैसे उद्योगों की नीवं रखी | १९५० में नेहरु –लियाकत समझौते से नाराज उन्होंने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे भारतीय जनसंघ की स्थापना की | पहले चुनावों में वे तीन सीट ले आए, उनकी क्षमता के आधार पर उन्हें नेता विपक्ष चुना गया |
जब देश आजाद हुआ तब ५६२ रियासतों को भारतीय गणतंत्र में मिलाने का कार्य श्री वल्लभ भाई को दिया गया, शेख अब्दुल्ला के प्रति विशेष स्नेह के कारण जम्मू कश्मीर को नेहरु जी ने अपने पास रखा, पटेल ने बखूबी सभी रियासतों को मिलाया, पर नेहरु ने कश्मीर को विशेष दर्ज़ा दिए जाने की हिमाकत करी इस से क्षुब्द होकर डॉ, मुख़र्जी कश्मीर में आन्दोलन के लिए गए जहाँ शेख अब्दुल्ला ने उन्हें नज़र बंद कर लिया, २३ जून १९५३ को कैद में उनके मौत हो गयी |
इस प्रकार माँ का एक लाडला चला गया, इस युग पुरुष को शत शत नमन |

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