ठोकर मैं नित्य खाऊँ फिर भी साधु न पाऊं
21 जून 2021
आज का भजन मनहरण में
ठोकर मैं नित्य खाऊँ फिर भी सुध न पाऊँ
राम जी का नाम सौख्य सम्पदा की धारा है
मैं अधम खलकामी मूरख हूँ अभिमानी
नियति के जाल में जो खेल खेल हारा है
आनंद धन बरसे ख़ुशी से मन हरसे
जब से शरण आया तन ये हमारा है
नैया ये लगाये पार राम नाम पतवार
कष्ट से छुडावें राम, भवसिन्धु खारा है ||
आज का दोहा:
भव सागर से तार दे, राम नाम पतवार
शरण राम आ बावरे, नैया होगी पार

Comments
Post a Comment