दूर कर मैया अंतर्निहित भय मन का।








16 जून 2021

आज की भजन प्रार्थना

कुल देवी से एक याचना


दूर कर मैया अंतर्निहित भय मन का।

मरीचिका   सी   आकांक्षाएं,  छीनती  हैं   धैर्य   जीवन  का

किंकर्तव्यमूढ़   बन   ढूंढता, सन्धि  बेला  में शूल  वन   का

विभिषिका  जीवन  की  बनी है, यादें  मेरी विगत काल की

अवगत कराती नित्य स्थितियां, अंधकोह में बस कराल सी

दीपशिखा  की  लौ बन आओ, तरंग तिमिर ज्योर्तिमान सा

प्रकृति  शक्ति  चिन्ह  दृढ़ लाओ, अग्निपथ  पर वर्तमान सा

परिवर्तन  ला  मैया मुझमे , कृत्य कृत्य  हुआ  आचमन का

'इंदु'   करे  यही   आराधना,  दूरस्थ  कष्ट  हरो  माँ  तन का

दूर कर मैया अंतर्निहित भय मन का।


आज का दोहा: 

मरीचिका  सी  लालसा,  करती  तन  मन  त्रस्त 

दिया तिलांजलि लोभ की, मात स्मरण में व्यस्त


सुरेश चैधरी 'इंदु'

कोलकाता

9830010986

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