अमेरिका और ईरान के तनाव का परिणाम भारत पर
अमेरिका और ईरान के युद्ध के हालात में भारत पर क्या असर पड़ सकता है? भारत की अधिकांश विदेशी मुद्रा तेल आयात में जाती है ऐसे में तेल की कीमतों में इजाफा होगा और डॉलर की कीमत बढ़ेगी खास कर तब जब ईरान और भारत का समझौता तेल रुपया में खरीद का है। अगर यह तनाव ज्यादा चला तो डॉलर 80 तक पहुंच जाए तो कोई बड़ी बात नहीं। इस कीमत से तेल किस आंकड़े को छुएगा सोच लें। यह बात कितनी बार हो चुकी है की भारत की जो मूलभूत समस्याएं हैं हम उनको एड्रेस न कर अन्य बातों में उलझे रहते हैं। भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और स्वतंत्र रहना है तो जनसंख्या विस्फोट तो एक विषय है ही दूसरा महत्वपूर्ण विषय है तेल की जगह वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग वाहनों में बिजली से चलने वाले वाहनों को प्राथमिकता , सड़के मजबूत हों तो वहां 80 से 120 टन के वाहन चल सकें जिससे प्रति टन तेल की खपत आधे से कम हो जाय। ऐसे उपायों को शीघ्रातिशीघ्र चालू करना होगा अन्यथा दो पैसे वाले लड़ेंगे और हम घुन की तरह पिसेंगे।

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